
सलाम सीपी ,
हमारे सुनहरे दिन याद करते हुए प्रस्तुत है वह गीत जो हम रूम नम्बर २१६ की खिड़की दरवाजे बाँध करके गया करते थे
बचीतेर खुले बालों में-केयूर-अमित-विन्नेट-यश-तेजस-राज-गौरव-बापू-दिक्सित-रवि-चिंतन ...
तो आओ मिलके फिरसे वह दिन याद करके उस में डूब जाते है !!!!
तुम ने वो क्या देखा जो कहा दीवाना
हम को नही कुछ समज ज़रा संजना
प्यार में जब भी आँख कही लड़ जाए
तब धड़कन और बेच्चेनी बढ़ जाए
जब कोई गिनता है रातो को तारे
तब संजो उसे प्यार हो गया प्यारे
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
बत्तिया बुझा दो .... अरे बत्ती तो बुझा दो यार.
बत्तिया बुझा दो के नींद नही आती हे
बत्तिया बुझा बुझाने बत्तियांसे भी नींद नही आयेगी
बत्तियां बुझाने वाली जाने कब आयेगी
शोर न मचाओ वरना भाभी जग जायेगी
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
अरे होगा क्या चलो लड़कियों को लेके आते हे
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
आख़िर क्या है ऐसी भी मजबूरी
मिल गए दिल फिर क्यों है ये दूरी
अरे दम है तो छीन के ले आएंगे
दी न घर वालों ने अगर मंजूरी
दम है तो छीन के ले आएंगे
दी न घर वालों ने अगर मंजूरी
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आयाहम को नही कुछ समज ज़रा संजना
प्यार में जब भी आँख कही लड़ जाए
तब धड़कन और बेच्चेनी बढ़ जाए
जब कोई गिनता है रातो को तारे
तब संजो उसे प्यार हो गया प्यारे
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
बत्तिया बुझा दो .... अरे बत्ती तो बुझा दो यार.
बत्तिया बुझा दो के नींद नही आती हे
बत्तिया बुझा बुझाने बत्तियांसे भी नींद नही आयेगी
बत्तियां बुझाने वाली जाने कब आयेगी
शोर न मचाओ वरना भाभी जग जायेगी
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
अरे होगा क्या चलो लड़कियों को लेके आते हे
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
आख़िर क्या है ऐसी भी मजबूरी
मिल गए दिल फिर क्यों है ये दूरी
अरे दम है तो छीन के ले आएंगे
दी न घर वालों ने अगर मंजूरी
दम है तो छीन के ले आएंगे
दी न घर वालों ने अगर मंजूरी
प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा
के दिल करे, हाय कोई तो बताये, क्या होगा ......